सच्ची आराधना क्या है ? और क्या ऐसी आराधना से परमेश्वर प्रसन्न होता है?



 जय मसीह की 🙏🙏 आप सभीं को

परमेश्वर का धन्यवाद हो की परमेश्वर ने इस लेख के व्दारा हमें यहाँपर जोडा है।

आइए आज हम जानेंगे परमेश्वर की आराधना कैसे की जाए और क्या परमेश्वर आराधना से प्रसन्न होता है ।

मेरे प्रियो, शायद आप सभीं जानते है की आज आराधना में भी सांसारीकता आ गयी है, और इसकी वजह है वचन के समझ की कमी! 

आज हम देखते है मनुष्यों ने अपने आपको जमाने के सामने दिखाने के लिए तरह तरह के  तरीके अपना लिए है, उसमेसे एक है म्युझीक, और दुसरा है सोशल मिडीया और भी काफी सारी बाते है जो लोगोंने संसार से उठाकर कलिसींया मे लायी है. और उसके द्वारा हम परमेश्वर की नही परंतु खुदकी ही प्रशंसा करनेमे लगे हुए है। मेरा मतलब यह नही की म्युझीक गलत है, परंतु हमे. म्युझीक का भी चुनाव करना आना चाहीए, यह नही की सांसारिक म्युझीक को हम परमेश्वर की आराधना मे इस्तमाल करें और इससे परमेश्वर  प्रसन्न हो जाएगा।

प्रियों, युहन्ना ४:२४ बताता है की, परमेश्वर आत्मा है,और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।

प्रियों हमें इस वचन से क्या सिख मिलती है ? यही की सचमुच हम उसकी आराधना आत्मा और सच्चाई से नही करते और यह बात हमारा परमेश्वर जानता है , इसलिए हमें यह जरुरी है की हम उसकी बातोंको समझे की हमारा पिता जो स्वर्ग मे हैं, जिसने हमे जिवन का मार्ग बताया, जिसने हमे जिवन का सत्य बताया और आज हम उसकी बातोंको भुलकर हमारी बुद्धी के अनुसार जिवन बिताते है। 

मेरे प्रिय भाईयों और बहनों, आराधना यह नही की हम कलिसींया मे बोहोत अलग अलग प्रकार के वाद्य के साथ गितोंको गाए और परमेश्वर  की उपस्थिती वहाँपर न हों, क्योंकी जबतक हम युहन्ना ४:२४ के अनुसार आत्मा और सच्चाई से नहीं गाऐंगे परमेश्वर प्रसन्न नही होगा। आराधना क्या है केवल गितोंको गाकर आराधना नही की जा सकती परंतु संपुर्ण मन से, ह्रदय की सच्चाई से जो परमेश्वर को भावती है ऐसी आराधना हमें करनी चाहीए। क्योंकी वचन कहता है की परमेश्वर सच्चे आराधकों को खोजता है, क्यों उसे एसे आराधकों को खोजने की जरुरत पडती है? क्योंकी बोहोत थोडे है जो उसकी आराधना आत्मा और सच्चाई से करते है। बोहोत गंभिर बात है यह की जिसने हमें बनाया उसे खुद अपनी आराधना के लिए सच्चे  आराधकों को खोजना पडता है।

धन्यवाद !







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